
संकेतों में जागी प्रेरणा दिव्यांग बच्चों संग बाल कल्याण समिति ने भरा आत्मविश्वास और संवेदना का रंग।
खंडवा। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस एवं देव उठनी ग्यारस के पावन अवसर पर मूक-बधिर छात्रावास में न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, खंडवा द्वारा एक प्रेरणादायक एवं संवेदनशील कार्यक्रम का आयोजन किया गया।इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों को संकेत भाषा (साइन लैंग्वेज) के माध्यम से देव उठनी ग्यारस का धार्मिक व सांस्कृतिक महत्व समझाया गया।
बच्चों ने इस पर्व की परंपराओं और भावार्थ को आत्मीयता से समझा। कार्यक्रम में 40 मूक-बधिर विद्यार्थियों ने गरबा नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को आनंद, उल्लास और उमंग से भर दिया। बच्चों को गरबा ड्रेस, फल, ड्राय फ्रूट्स एवं मिठाई वितरित की गई। पूरे परिसर में दीपों की रौशनी और बच्चों की मुस्कान से दिवाली जैसा उल्लासपूर्ण वातावरण बन गया।इस अवसर पर समाजसेवी हर्षा शर्मा, मीना आर्य, बीना नेभनानी एवं छात्रावास अधीक्षिका अंजली शिंदे उपस्थित रहीं।
,प्रवीण शर्मा ने बच्चों में भरी नई ऊर्जा और आत्मविश्वास,
प्रवीण शर्मा (प्रथम वर्ग श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट समकक्ष खंडपीठ), अध्यक्ष, न्यायपीठ बाल कल्याण समिति, खंडवा ने कहा कि देव उठनी ग्यारस जागृति, शुभारंभ और कर्मनिष्ठा का प्रतीक है।उन्होंने कहा कि दिव्यांगता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि भीतर की शक्ति को पहचानने का अवसर है।उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से ही हर सीमा को पार किया जा सकता है। सुनील जैन ने बताया कि कार्यक्रम के अंत में अधीक्षिका अंजली शिंदे ने समिति का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन बच्चों में आत्मबल, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जुड़ाव की भावना को प्रोत्साहित करते हैं। संकेत भाषा में मनाया गया यह पर्व दिव्यांग बच्चों के चेहरों पर मुस्कान और हृदयों में नई ऊर्जा भर गया। पूरा परिसर दीपोत्सव जैसी रौशनी और संवेदनाओं से जगमगा उठा।












